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Class 12गद्य / संस्मरण (Prose / Memoir)

निराला भाई

by महादेवी वर्मा

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महादेवी वर्मा जी ने 'निराला' के अनछुए पहलुओं को उजागर किया है। निराला जी अत्यंत उदार, दानी, फक्कड़ व स्वाभिमानी थे; जो भी धन आता उसे तुरंत गरीबों में बाँट देते और स्वयं साधारण जीवन जीते। महादेवी जी उन्हें अपना सगा भाई मानती थीं।

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निराला का फक्कड़ व्यक्तित्व

प्रस्तुत संस्मरण में महादेवी जी निराला जी की उदारता, दानशीलता और फक्कड़पन को उजागर करती हैं। उनके पास जो भी धन आता, वे उसे किसी जरूरतमंद विधवा, अनाथ बच्चे या गरीब मित्र को दे देते; खुद फटे कपड़ों में रह लेते पर मदद से पीछे नहीं हटते।

निराला जी और महादेवी जी के बीच केवल साहित्यिक नहीं, सगे भाई-बहन जैसा संबंध था। उनकी संवेदनशीलता और साहित्य के प्रति अगाध निष्ठा को महादेवी जी ने अपने रेखाचित्र में अमर कर दिया है।