अख़बार की दुनिया
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'अख़बार की दुनिया' एक सूचनात्मक पाठ है, जो समाचार-पत्र के स्वरूप, उसके विभिन्न अंगों और समाचार तैयार करने की प्रक्रिया से परिचित कराता है। पाठ बताता है कि अख़बार में केवल समाचार ही नहीं छपते, बल्कि उसके कई अंग होते हैं, समाचार, संपादकीय, फ़ोटो, फ़ीचर, लेख, पत्र, साक्षात्कार, कार्टून, ग्राफ़िक्स और विज्ञापन। हर घटना समाचार नहीं बनती; वही घटना समाचार बनती है जिसका स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से महत्त्व हो। समाचारों का चयन सामूहिक निर्णय से होता है; संवाददाता, तथा पी.टी.आई., यू.एन.आई., ए.पी., ए.एफ़.पी., रायटर जैसी समाचार एजेंसियाँ अख़बारों तक ख़बरें पहुँचाती हैं। अख़बार अपनी प्राथमिकता के अनुसार पन्नों का बँटवारा करता है, पहले पृष्ठ पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, भीतरी पृष्ठों पर स्थानीय, व्यापार व खेल समाचार, और बीच का पृष्ठ संपादकीय व पाठकों के पत्रों के लिए। एक समाचार के भी कई अंग होते हैं, मेन हेडिंग (मुख्य शीर्षक), सब-हेडिंग (उपशीर्षक), बाइ-लाइन, समाचार-स्रोत, इन्ट्रो और ब्यौरा। मूलतः समाचार 'क्या, कैसे, कब, कहाँ, क्यों, कौन' (छह ककारों) के उत्तर देता है और उसे तथ्यपरक, तटस्थ तथा निष्पक्ष होना चाहिए।
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अख़बार का स्वरूप और उसके अंग
अख़बार में केवल समाचार नहीं छपते; उसमें समाचार, संपादकीय, फ़ोटो, फ़ीचर, लेख, पाठकों के पत्र, साक्षात्कार, कार्टून, ग्राफ़िक्स और विज्ञापन जैसे कई अंग होते हैं। इन्हीं सबसे मिलकर अख़बार का स्वरूप बनता है। हर अख़बार इन्हें अपने ढंग से अलग-अलग स्थान पर छापता है, जिससे पढ़ने में सुविधा होती है और उसे विशिष्ट पहचान मिलती है।
समाचार का चयन और स्रोत
हर घटना समाचार नहीं बनती, वही घटना समाचार बनती है जिसका स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय महत्त्व हो। समाचारों का चयन सामूहिक निर्णय से होता है। क्षेत्रवार संवाददाता रोज़ शाम तक ख़बरें संपादकीय कार्यालय भेजते हैं, और पी.टी.आई., यू.एन.आई., ए.पी., ए.एफ़.पी. तथा रायटर जैसी देशी-विदेशी समाचार एजेंसियाँ भी अपने सदस्य अख़बारों को समाचार भेजती हैं।
समाचार के अंग, छह ककार
एक समाचार के कई अंग होते हैं, मेन हेडिंग (मुख्य शीर्षक, जो 'क्या हुआ' बताता है), सब-हेडिंग (उपशीर्षक), बाइ-लाइन (संवाददाता का नाम), समाचार-स्रोत (कहाँ से, किस माध्यम से मिला), इन्ट्रो (संक्षिप्त परिचय) और ब्यौरा (विस्तृत विवरण)। मूलतः समाचार 'क्या, कैसे, कब, कहाँ, क्यों और कौन', इन छह ककारों के उत्तर देता है।
अच्छे समाचार को तथ्यों पर आधारित, तटस्थ और निष्पक्ष होना चाहिए। संवाददाता को अपने विचार थोपने के बजाय सूचना देनी चाहिए; इसीलिए एक ही विषय पर छपे विभिन्न अख़बारों के समाचारों की तुलना करके पाठक अपनी निष्पक्ष राय बना सकता है।
